भारत सरकार आतंकवाद के खिलाफ ज़ीरो टॉलरैंस की नीति बनाकर आगे बढ़ रही है – अमित शाह

नई दिल्ली केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह आज नई दिल्ली में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के 13वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथी के रूप में शामिल हुए।

अपने सम्बोधन में केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आज का दिन राष्ट्रीय जांच एजेंसी के साथ साथ गृह मंत्रालय के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि NIA आंतरिक सुरक्षा के एक अतिमहत्वपूर्ण क्षेत्र को बड़ी ही मुस्तैदी और दक्षता के साथ संभाल रहा है और उसे आगे बढ़ा रहा है। उन्होने कहा कि एनआईए को ऐसे अपराधों की जांच करनी होती है जहां साक्ष्य और प्रमाण मिलने में दिक्कत होती है लेकिन फिर भी NIA ने दोषसिद्धि की जो उपलब्धि हासिल की है वह देशभर की पुलिस और आतंकवादी विरोधी सभी एजेंसियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है और मैं इसके लिए सम्पूर्ण एनआईए परिवार को बहुत बहुत बधाई देता हूँ।

उन्होंने पूरे NIA परिवार को आश्वस्त करना चाहता हूँ कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार आतंकवाद के खिलाफ ज़ीरो टॉलरैंस की नीति बनाकर आगे बढ़ रही है, इसमें NIA को जो भी सहायता चाहिए भारत सरकार उसके लिए पूरी तरह कटिबद्ध है।

एनआईएने 90 प्रतिशत से अधिक दोषसिद्धि दर के साथ ‘गोल्ड स्टैण्डर्ड’सेट किये हैं और प्रधानमंत्री मोदी का टेरर फ्री भारत और शत प्रतिशत जीरो टोलरेंस अगेंस्ट टेररिज्म का जो लक्ष्य है उसको सिद्ध करने में एनआईए की बहुत बड़ी भूमिका है

एनआईए को ऐसे अपराधों की जांच करनी होती है जहां साक्ष्य और प्रमाण मिलने में दिक्कत होती है लेकिन फिर भी NIA ने दोषसिद्धि की जो उपलब्धि हासिल की है वह देशभर की पुलिस और आतंकवादी विरोधी सभी एजेंसियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है और मैं इसके लिए सम्पूर्ण एनआईए परिवार को बहुत बहुत बधाई देता हूँ।

आतंकवाद से बड़ा मानव अधिकारों का उल्लंघन कुछ और हो ही नहीं सकता, इसलिए आतंकवाद का समूल नाश मानव अधिकारों की रक्षा के लिए बहुत जरूरी है,एनआईए को दृढ़ निश्चय के साथ आतंकवाद को समाप्त करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।

गृहमंत्री ने कहा कि जम्मू कश्मीर में आतंकवादियों से लड़ना एक बात है मगर आतंकवाद को जड़ समेत उखाड़ देना दूसरी बात है, अगर उसे उखाड़ कर फेंकना है तो हमें टेरर फंडिंग की उनकी सारी व्यवस्थाओं को ध्वस्त करना पड़ेगा।

नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद,एनआईए ने टेरर फंडिंग के जो मामले रजिस्टर किए,मैं विश्वास से कह सकता हूं कि उन्होंने जम्मू कश्मीर से आतंकवाद को जड़ से उखाड़ने की दिशा में बहुत बड़ी सहायता की है।

शाह ने कहा कि एनआईए की सजगता के कारण आज आतंकवादियों को पैसा मुहैया कराने वाले रास्तों पर नकेल कसी गयी है,जम्मू कश्मीर में जो ओवरग्राउंड वर्कर होते थे,उन पर NIA ने ढेर सारे केस रजिस्टर किए हैं और उनके स्लीपर सैल को ध्वस्त करने में बहुत बड़ा काम किया है

टेरर फंडिंग संबंधित 105 मामले रजिस्टर हुए,876 आरोपियों के खिलाफ 94 चार्जसीट दाखिल लिए गए,796 आरोपियों को अरेस्ट भी कर लिया गया है और उनमें से 100 आरोपियों को दोषी भी ठहराया गया है, यह बहुत बड़ी सिद्धि है

गृहमंत्री ने कहा कि आतंकवाद किसी भी सभ्य समाज के लिए एक अभिशाप है, दुनिया में अगर इस अभिशाप का सबसे बड़ा किसी ने दर्द झेला है तो वह हमारे देश ने झेला है।

उन्होंने कहा कि जांच पद्धति में आमूलचूल परिवर्तन होना चाहिए,इन्वेस्टिगेशन अब थर्ड डिग्री पर नहीं बल्कि तकनीक,डेटा और इन्फोर्मेशन की डिग्री पर निर्भर होना चाहिए।
मगर ये परिवर्तन लाने के लिए डेटाबेस होना चाहिए, एनआईए को मादक पदार्थ,हवाला ट्रांजैक्शन, हथियारों की तस्करी,जाली मुद्राएं,बम धमाके,टेरर फंडिंग और टेररिज्म इन सात क्षेत्रों में एक राष्ट्रीय डेटाबेस बनाने का काम दिया गया है और इसकी बहुत अच्छे तरीके से शुरुआत भी हुई है।

सरकार का यह प्रयास रहा है कि सभी राज्यों की पुलिस और एजेंसियों के साथ आतंकवाद संबंधी सभी सूचनाओं को साझा करने में समन्वय स्थापित किया जाए,आतंकवाद विरोधी कानूनों को मजबूत और पुख्ता बनाया जाए,आतंकवादी विरोधी इंस्टिट्यूशन को ताकत दी जाए और आतंकवादी मामलों में हम शत-प्रतिशत दोष सिद्धि का लक्ष्य लेकर चलें।

इन चार स्तंभों पर आतंकवाद विरोधी अभियान आगे बढ़ सकता है और मुझे हर्ष है कि इन चारों स्तंभों पर एनआईए ने बहुत अच्छे तरीके से प्रगति की है।

देश में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद 2014 से एनआईए के सशक्तिकरण के लिए ढेर सारे काम किए गए हैं,हम चाहते हैं कि एनआईए सशक्त और मजबूत बने और दुनिया भर में एनआईए को आतंकवाद विरोधी एजेंसी के रूप में स्वीकृति मिले।

अमित शाह ने कहा कि हमने NIA एक्ट और UAPA एक्ट को मजबूत करने का काम किया है,भारत के बाहर किसी भी आतंकवादी हमले में जहां भारतीय हताहत हुआ हो,उस मामले में जांच करने के अधिकार एनआईए को दिए गए हैं और एनआईए को अब अंतरराष्ट्रीय एजेंसी के रूप में भी स्वीकृति दिलाने का लक्ष्य लेकर उसे सिद्ध करना चाहिए।

पहले एनआईए को आतंकवादी संगठनों को आतंकवादी संगठन घोषित करने का अधिकार था, अब भारत में पहली बार हमने संगठनों के साथ-साथ व्यक्तियों को भी आतंकवादी घोषित करने का अधिकार एनआईए को दिया है और अब तक 36 व्यक्तियों को आतंकवादी घोषित कर दिया गया है,यह एक नए प्रकार की शुरुआत है।

प्रधानमंत्री मोदी ने देश के सामने 5 ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी का लक्ष्य रखा है और इसे हासिल करने के लिए देश कि आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करना बहुत जरूरी है।

देश आज़ादी के 75 साल मना रहा है और आज़ादी के अमृत महोत्सव में NIA को भी अगले 25 साल के लिए अपने लक्ष्य तय करने चाहिए और उनकी सिद्धि का रोडमैप बना चाहिए।

इस अवसर पर गृह मंत्री ने उत्कृष्ट सेवाओं के लिए NIA के अधिकारियों को पुरस्कार प्रदान किए। कार्यक्रम में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा और निशीथ प्रमाणिक, राष्ट्रीय जांच एजेंसी के महानिदेशक, दिल्ली पुलिस आयुक्त और NIA के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।